शैक्षणिक लेख, शोधपत्र और मेरे कार्य पर लिखे गए लेख।
लेख और शोधपत्र
Heykel Dökümünde Mum Yok Etme Tekniği’ne Geleneksel ve Sayısal Yaklaşımlar
(मूर्तिकला में लॉस्ट-वैक्स ढलाई तकनीक के पारंपरिक और डिजिटल दृष्टिकोण)
कंप्यूटर-सहायित डिज़ाइन और डिजिटल निर्माण मूर्तिकला के लिए नई संभावनाएँ खोलते हैं। यह अध्ययन 2020 में बीजिंग में डिजिटल तकनीकों से की गई एक समकालीन लॉस्ट-वैक्स ढलाई के उत्पादन चरणों की जाँच करता है और उसकी तुलना सदियों पुरानी पारंपरिक विधि से करता है।
Açık Alan Heykel Uygulamalarına Güncel Bir Yaklaşım: Minqin/Suwu Çöl Heykel Parkı
(खुले स्थान की मूर्तिकला के लिए एक समकालीन दृष्टिकोण: मिनचिन/सुवू मरुस्थल मूर्तिकला पार्क)
यह अध्ययन चीन के मिनचिन के पास सुवू मरुस्थल में स्थित अंतरराष्ट्रीय मरुस्थल मूर्तिकला पार्क को मूर्तियों के स्थापना-स्थल के एक नए अनुभव के रूप में देखता है। 2018 में पारिस्थितिक रूप से कठिन क्षेत्र में शुरू हुई इस परियोजना के उद्देश्य, कार्यान्वयन चरण, परिणाम और एक उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं।
On the Application Opportunities of Sculptures with Computer Aided Softwares
(कंप्यूटर-सहायित सॉफ़्टवेयर से मूर्तियों के अनुप्रयोग की संभावनाओं पर)
कंप्यूटर-सहायित डिज़ाइन और मॉडलिंग प्रोग्राम मूर्तिकला की अभिव्यक्ति और अनुप्रयोग की सीमाओं को लगातार बढ़ा रहे हैं। अध्ययन डिजिटल डिज़ाइन से लेकर खुले स्थान में स्थापना तक इन उपकरणों की संभावनाएँ प्रस्तुत करता है और डिजिटल चित्रों की तैयार कृतियों से तुलना कर प्रक्रिया का मूल्यांकन करता है।
Bilgisayar Destekli Tasarım Programlarında Boolean Operasyonu ile Bir Heykel Uygulaması
(कंप्यूटर-सहायित डिज़ाइन प्रोग्रामों में बूलियन ऑपरेशन द्वारा एक मूर्तिकला अभ्यास)
अध्ययन कंप्यूटर-सहायित डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर के विकास और उसकी मॉडलिंग विधियों की समीक्षा करता है तथा चित्रों सहित समझाता है कि बूलियन ऑपरेशन डिज़ाइन और मॉडलिंग में कैसे योगदान देते हैं। अंतिम भाग में बूलियन ऑपरेशन से बनी एक मूर्ति के डिज़ाइन और मॉडलिंग चरण प्रस्तुत हैं।
Nanjing II. Uluslararası Gençlik Olimpiyatları Kültürel Etkinlikleri Kapsamında Olimpiyat Parkı Heykel Uygulaması
(द्वितीय नानजिंग युवा ओलंपिक खेलों के सांस्कृतिक आयोजनों के अंतर्गत ओलंपिक पार्क मूर्तिकला परियोजना)
Bulletin of the 2008 Beijing Olympic City Sculpture Symposium: Art of Sculpture and Public City Sculpture in Turkey
(2008 बीजिंग ओलंपिक नगर मूर्तिकला संगोष्ठी शोधपत्र: तुर्की में मूर्तिकला और सार्वजनिक नगर मूर्तिकला)
यह शोधपत्र तुर्की में आधुनिक कला के इतिहास का अनुसरण उत्तर-उस्मानी काल से करता है, जब यूरोपीय कलाकारों को दरबार में आमंत्रित किया गया और स्थानीय कलाकारों को यूरोप भेजा गया। यह बताता है कि 1920 के दशक में स्थापित गणराज्य ने पश्चिमी कला को संदर्भ मानकर इस परंपरा को चित्रकला, मूर्तिकला आदि क्षेत्रों में आगे बढ़ाया।
A Public Space Sculpture Application in the Scope of the Beijing Olympics: “The Confusion of Prism”
(बीजिंग ओलंपिक के अंतर्गत एक सार्वजनिक स्थान मूर्तिकला परियोजना: “प्रिज़्म का भ्रम”)
यह शोधप्रबंध बताता है कि 2004 में बनी मूर्ति “प्रिज़्म का भ्रम” किस प्रकार “100 ओलंपिक मूर्तियों” में चुनी गई और 2008 में बीजिंग ओलंपिक विलेज पार्क में बड़े पैमाने पर स्थापित हुई। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की अवधारणा, सांस्कृतिक क्रांति से आज तक चीन की सार्वजनिक मूर्तिकला, तथा कृति के रूप, विषय और स्थापना चरणों का विवेचन है।
Kentsel Dönüşüm Sürecinde Açık Alan Heykellerinin Uygulanması Deneyimi: Tangshan Nanhu Ekolojik Parkı
(नगरीय रूपांतरण में खुले स्थान की मूर्तियों की स्थापना का अनुभव: तांगशान नानहू पारिस्थितिक पार्क)
Metal Malzemenin Modern Heykelde Yeri ve Anlatım Olanakları
(आधुनिक मूर्तिकला में धातु का स्थान और अभिव्यक्ति की संभावनाएँ)
मेरे कार्य पर लेखन
Anchoring Creativity: The Birth of the World's First Floating Sculpture Park
(रचनात्मकता का लंगर: विश्व के पहले तैरते मूर्तिकला पार्क का जन्म)
यह लेख 2023 में चीन की सोंगहुआ नदी पर स्थापित हुलान तैरते मूर्तिकला पार्क का विवरण देता है, जिसमें 16 देशों के 20 मूर्तिकारों ने भाग लिया। इस व्यापक लेख का एक खंड इल्कर यार्दिमजी की कृति “गीतात्मक गति” (Lyrical Movement) को समर्पित है, जिसे कला और तकनीक का एक अभिनव संगम बताया गया है: हवा जब इसकी धातु की प्लेटों से टकराती है तो “a textured melody” (बनावटदार धुन) उत्पन्न होती है। लेखक इसे संगोष्ठी की उल्लेखनीय कृतियों में से एक (“a standout piece at the symposium”) मानते हैं।
Sanat ve Bilim Bağlamında İlker Yardımcı’nın Heykellerine Düşünsel Yaklaşımlar
(कला और विज्ञान के संदर्भ में इल्कर यार्दिमजी की मूर्तियों के प्रति बौद्धिक दृष्टिकोण)
यह अध्ययन कलाकार-शिक्षाविद इल्कर यार्दिमजी के कार्य के वैज्ञानिक और तकनीकी पक्षों की सौंदर्यात्मक स्थिति पर केंद्रित है। कला और विज्ञान के ऐतिहासिक संबंध का अनुसरण करते हुए यह तकनीकी संभावनाओं को पारंपरिक संरचनाओं से जोड़ने वाले सौंदर्यबोध की पहचान करता है और उनकी मूर्तियों में विज्ञान-प्रेरित सौंदर्य के चिह्नों को स्पष्ट करता है।
Gerçeği Düşleyen Kinestetik
(यथार्थ का स्वप्न देखती गतिकी: इल्कर यार्दिमजी की मूर्तिकला)
यह लेख बताता है कि पिकासो से शुरू हुई “खुले रूप” की अवधारणा ने आधुनिक मूर्तिकला और धातु के उपयोग को कैसे बदला। लेख के अनुसार इल्कर यार्दिमजी इसी सिद्धांत को अपनाते हुए मुख्यतः धातु में काम करते हैं और ठोस व रिक्त को अलग करने के बजाय परस्पर गूँथते हैं।